विकसित और समावेशी भारत के निर्माण का किया आह्वान
New Delhi
नई दिल्ली (19 अक्तूबर 2026) विजयादशमी की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश और विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम की रावण पर विजय का प्रतीक यह पर्व अधर्म व अन्याय पर धर्म और न्याय की शाश्वत विजय का उत्सव है।
राष्ट्रपति ने प्रभु श्रीराम को धर्म और नैतिक आचरण का साक्षात स्वरूप बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति नैतिकता और कर्तव्य के उच्च आदर्शों पर टिकी है। इस पावन अवसर पर उन्होंने सभी नागरिकों से अपनी सांस्कृतिक विरासत के मूल्यों को आत्मसात करते हुए एक विकसित और समावेशी समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लेने का आह्वान किया।