New Delhi
नई दिल्ली 13 अक्तूबर 2026) राष्ट्रीय संकल्प को सामाजिक धरातल पर उतारने के लिए ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत @2047’ के तहत केंद्र सरकार ने देश को भिक्षावृत्ति के अभिशाप से मुक्त करने की मुहिम तेज कर दी है। इसी कड़ी में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (MoSJE), दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग के सहयोग से, बुधवार 14 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (DAIC) में ‘भिक्षावृत्ति मुक्त भारत – भिक्षावृत्ति मुक्त दिल्ली की ओर अग्रसर’ शीर्षक से एक उच्चस्तरीय सम्मेलन का आयोजन करने जा रहा है।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार मुख्य अतिथि होंगे, जबकि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करेंगी। मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत सहित केंद्र व राज्य सरकारों, जिला प्रशासनों, शहरी स्थानीय निकायों और नागरिक समाज संगठनों (NGOs) के वरिष्ठ प्रतिनिधि व लाभार्थी इस साझा मंच पर जुटेंगे। इस मंथन का मुख्य उद्देश्य भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों के स्थायी पुनर्वास, गरिमा की पुनर्बहाली और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए व्यावहारिक रणनीतियों को साझा करना है।
मंत्रालय के मुताबिक, इस संवेदनशील सामाजिक समस्या के समाधान के लिए ‘स्माइल-भिखारी योजना’ (SMILE) पूरे देश में प्रभावी ढंग से लागू की जा रही है।
यह महत्वाकांक्षी योजना वर्तमान में देश के 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 216 शहरों में संचालित की जा रही है।
पहचान व पुनर्वास: अब तक देश भर में भिक्षावृत्ति से जुड़े 45,073 लोगों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से 13,134 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष पुनर्वास सहायता प्रदान कर मुख्यधारा में शामिल किया गया है।
केवल तात्कालिक राहत देना ही नहीं, बल्कि कौशल विकास, आजीविका के साधन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित कर प्रत्येक व्यक्ति के आत्मसम्मान की रक्षा करना।
राष्ट्रीय राजधानी से शुरू हो रहा यह समन्वित प्रयास देश के सर्वाधिक संवेदनशील तबके के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण और मानवीय गरिमा की बहाली के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।