उत्तर प्रदेश में ‘दिल में बाबर, मुंह में राम’ लिखे विरोधी पोस्टरों ने सियासी बवाल मचा दिया है। ये पोस्टर समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव और अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाना बनाकर लगाए गए हैं। पोस्टरों पर सपा नेताओं की तस्वीरों के साथ यह नारा लिखा गया है, जिसमें उन पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाया गया है। यह मामला तेजी से गर्माता जा रहा है और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।
सपा प्रवक्ता ने इन पोस्टरों की निंदा करते हुए कहा कि यह भाजपा की सोची-समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि सपा हमेशा से राम भक्तों की पार्टी रही है और मुलायम सिंह यादव ने अयोध्या आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वहीं भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सपा का इतिहास मुस्लिम तुष्टिकरण का रहा है और ये पोस्टर उनकी असलियत बयां करते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पोस्टर लगाने वालों की तलाश कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह मुद्दा और गर्मा सकता है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में ध्रुवीकरण के इस मुद्दे का दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है।