अदाणी ग्रुप ने शेल-समर्थित स्प्रंग एनर्जी को आदित्य बिड़ला ग्रुप को 1.8 अरब डॉलर में बेचने का समझौता किया है। यह डील भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सबसे बड़े अधिग्रहणों में से एक है। स्प्रंग एनर्जी के पास 4.5 गीगावाट से अधिक की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता है, जिसमें सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं। इस अधिग्रहण के साथ आदित्य बिड़ला ग्रुप देश के सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादकों में से एक बन जाएगा।
आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि यह अधिग्रहण कंपनी की नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ग्रुप ने 2030 तक 20 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखा है। अदाणी ग्रुप ने इस डील से प्राप्त राशि का उपयोग अपने मुख्य व्यवसायों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए करने की योजना बनाई है। शेल ने 2022 में 1.5 अरब डॉलर में स्प्रंग एनर्जी में 49% हिस्सेदारी खरीदी थी। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में यह डील भारत के हरित ऊर्जा संक्रमण में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करना है और इस तरह के अधिग्रहण उस लक्ष्य को पूरा करने में मददगार होंगे।