सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले के मामलों में मिली जमानत बरकरार रखी है। साथ ही कोर्ट ने पटना हाई कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह लंबित अपीलों की सुनवाई तेजी से करे। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि लालू यादव को 1997 में हुए चारा घोटाले से जुड़े कई मामलों में सजा सुनाई गई थी और वह जमानत पर बाहर हैं। अदालत ने हाई कोर्ट से आग्रह किया कि वह इन मामलों की सुनवाई जल्द से जल्द पूरी करे।
चारा घोटाला बिहार का सबसे बड़ा घोटाला माना जाता है, जिसमें 1990 के दशक में राज्य के कोषागार से करोड़ों रुपये की निकासी का आरोप लगा था। इस मामले में लालू यादव समेत कई राजनेता और सरकारी अधिकारी दोषी करार दिए गए थे। CBI ने इस मामले की जांच की थी और कई चार्जशीट दाखिल की थीं। लालू यादव की पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी इस मामले में आरोपी रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को निर्देश दिया कि वह मामलों की सुनवाई में तेजी लाए ताकि लंबित मुकदमों का जल्द निपटारा हो सके। लालू यादव की जमानत बरकरार रहने से उन्हें राहत मिली है, लेकिन उनकी कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।