देश की खुदरा मुद्रास्फीति जून 2026 में बढ़कर 4.38% हो गई है, जो RBI के 4% के लक्ष्य से अधिक है। मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों और आभूषणों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण मुद्रास्फीति में यह उछाल आया है। मई में यह दर 4.2% थी। खाद्य मुद्रास्फीति 5.5% पर पहुंच गई, जिसमें सब्जियां, अनाज और दालें प्रमुख योगदानकर्ता रहीं। सोने और आभूषणों की कीमतों ने भी मुद्रास्फीति को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मुद्रास्फीति के आंकड़े RBI के लिए नीतिगत दरों पर पुनर्विचार का संकेत दे सकते हैं। हालांकि, मुख्य मुद्रास्फीति (कोर इन्फ्लेशन) जो खाद्य और ईंधन को छोड़कर गणना की जाती है, अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई है। RBI के गवर्नर ने हाल ही में कहा था कि केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति को 4% के स्तर पर लाने के लिए प्रतिबद्ध है और जरूरत पड़ने पर कदम उठाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ोतरी के बावजूद RBI अगली मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती के बजाय स्थिरता बनाए रख सकता है। खाद्य तेलों और दालों के दाम में कमी से आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति में नरमी आ सकती है।