15 जुलाई 2026, बुधवार को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज के दिन कई शुभ संयोग बन रहे हैं, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सबसे खास बात यह है कि आज से गुप्त नवरात्र का शुभारंभ हो रहा है। गुप्त नवरात्र आषाढ़ मास में मनाया जाता है और यह साधना और तपस्या का विशेष समय होता है। इस दौरान देवी दुर्गा के नौ रूपों की उपासना की जाती है और तांत्रिक साधनाओं का विशेष महत्व होता है।
आज पुष्य नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे सबसे शुभ नक्षत्रों में से एक माना जाता है। पुष्य नक्षत्र में किए गए कार्य शुभ फलदायी होते हैं और इस नक्षत्र में मांगलिक कार्य करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। आज सूर्योदय प्रातः 5:28 बजे और सूर्यास्त सायं 7:18 बजे होगा। ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 4:15 बजे से 4:55 बजे तक रहेगा और अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:10 बजे से 1:05 बजे तक रहेगा।
गुप्त नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना का विशेष महत्व है। घटस्थापना के लिए सुबह 6:20 बजे से 8:05 बजे तक का समय शुभ रहेगा। आज के दिन पूजा-पाठ और ध्यान करने से विशेष लाभ मिलेगा। गुप्त नवरात्र में देवी भगवती की आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पंडितों के अनुसार, इस बार गुप्त नवरात्र में पुष्य नक्षत्र का संयोग अत्यंत दुर्लभ है और यह साधकों के लिए एक अनमोल अवसर है। भक्तों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से देवी मंत्रों का जाप करें और व्रत-उपवास का पालन करें। गुप्त नवरात्र 23 जुलाई तक रहेगा और इस दौरान विशेष पूजा-अनुष्ठान किए जाएंगे।