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ग्रेटर नोएडा (4 जुलाई 2026) वेतन वृद्धि की मांग को लेकर ठेकेदारों के अधीन मैन्युअल सफाई कर्मियों की हड़ताल के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेपटरी होने से बचाने के लिए सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर प्राधिकरण की पूरी टीम ने कमर कस ली है।
सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रोजेक्ट विभाग के सभी ८ वर्क सर्किलों में वरिष्ठ प्रबंधकों और प्रबंधकों की तैनाती कर दी गई है। रविवार की छुट्टी के बावजूद एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ सुमित यादव सहित शीर्ष अधिकारियों ने खुद ग्राउंड पर उतरकर मोर्चा संभाला। शहर के सभी 7 सर्किलों में जिम्मेदारी तय कर दी गई है, जहाँ अधिकारी लगातार निरीक्षण कर साफ-सफाई सुनिश्चित करवा रहे हैं।
लापरवाही पर 3 लाख का जुर्माना और ‘ब्लैकलिस्ट’ की चेतावनी
प्राधिकरण ने ढिलाई बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। सफाई व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर ‘बिमल राज आउटसोर्सिंग प्राइवेट लिमिटेड’ पर 3 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया है। सीईओ ने साफ चेतावनी दी है कि दोबारा गंदगी मिलने पर संबंधित ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और संबंधित प्रभारी की जिम्मेदारी तय होगी।
सफाई कर्मियों की कमी को देखते हुए काम के घंटों को बढ़ाकर सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे (12 घंटे) तक कर दिया गया है।
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन जारी रखने के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग और कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों की संख्या बढ़ा दी गई है।
उद्यान विभाग की टीम और क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को भी फील्ड में मुस्तैद किया गया है।
एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस और सुमित यादव रोजाना शाम को बैठक कर दिनभर की समीक्षा कर रहे हैं। एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने ग्रेटर नोएडा वासियों से अपील की है कि वे शहर को साफ रखने में सहयोग करें और कहीं भी कूड़ा दिखने पर तुरंत संबंधित एरिया के सुपरवाइजर को सूचित करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्राधिकरण शहर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।