राजधानी में जमीन से आसमान तक सुरक्षा सख्त
New Delhi
नई दिल्ली (11 सितंबर 2026) 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज सुबह भारत की राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली पहुंचे। हवाई अड्डे पर उनका औपचारिक और भव्य स्वागत किया गया। पुतिन की इस यात्रा को वैश्विक कूटनीति, द्विपक्षीय संबंधों और बहुपक्षीय आर्थिक सहयोग के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुरक्षा का अभेद्य चक्रव्यूह
शिखर सम्मेलन और राष्ट्राध्यक्षों के आगमन को देखते हुए दिल्ली को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाने के लिए ज़मीनी स्तर से लेकर आसमान तक निगरानी रखी जा रही है:
15 हजार से अधिक पुलिसकर्मी: दिल्ली पुलिस के 15 हजार से ज्यादा जवान और अधिकारी प्रमुख स्थलों, होटलों और सम्मेलन केंद्र के आसपास तैनात किए गए हैं।
200 पैरामिलिट्री कंपनियां: केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) की 200 कंपनियों को रणनीतिक स्थानों, संवेदनशील चौराहों और सीमावर्ती क्षेत्रों में मोर्चा संभालने के लिए उतारा गया है।
सैकड़ों कैमरों से 360-डिग्री निगरानी: आधुनिक फेशियल रिकॉग्निशन तकनीक से लैस सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए 24 घंटे हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
ट्रैफिक में बड़ा बदलाव और एडवाइजरी
वीवीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा प्रोटोकॉल के चलते राजधानी की यातायात व्यवस्था में व्यापक फेरबदल किए गए हैं:
लुटियंस दिल्ली और सम्मेलन क्षेत्र की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर सामान्य वाहनों की आवाजाही सीमित कर दी गई है।
हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशनों और अस्पतालों तक पहुंचने वाले यात्रियों के लिए वैकल्पिक मार्गों (डायवर्जन) की घोषणा की गई है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए सार्वजनिक परिवहन, विशेष रूप से दिल्ली मेट्रो का उपयोग करें और घर से निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देखें।