नई दिल्ली, 21 जुलाई। राजधानी दिल्ली और एनसीआर में पिछले दिनों सुरक्षा कारणों से प्रभावित हुई मेट्रो सेवाएं अब धीरे-धीरे पूरी तरह सामान्य हो रही हैं। संसद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने और विरोध प्रदर्शनों के चलते कुछ प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए थे, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि अब अधिकांश स्टेशनों पर परिचालन सामान्य हो चुका है और बड़ी संख्या में यात्री फिर से मेट्रो सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं।
दिल्ली मेट्रो देश की सबसे व्यस्त सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में से एक है। प्रतिदिन लाखों लोग अपने कार्यालय, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए मेट्रो पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में कुछ स्टेशनों के अस्थायी रूप से बंद होने का सीधा असर राजधानी की दैनिक यातायात व्यवस्था पर देखने को मिला। कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय लगा, जबकि कुछ लोगों को वैकल्पिक परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ा।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार संसद सत्र और राजधानी में विभिन्न गतिविधियों को देखते हुए कुछ स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए गए थे। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रवेश और निकास दवारों पर विशेष निगरानी रखी गई। सुरक्षा जांच को भी पहले की तुलना में अधिक सख्ती से लागू किया गया ताकि किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
अब हालात सामान्य होने के साथ दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने अधिकांश सेवाओं को नियमित समय-सारणी के अनुसार संचालित करना शुरू कर दिया है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में ट्रेनों की उपलब्धता भी बढ़ाई गई है ताकि यात्रियों को अधिक इंतजार न करना पड़े। विभिन्न इंटरचेंज स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जो यात्रियों को आवश्यक जानकारी और सहायता प्रदान कर रहे हैं।
हालांकि सुरक्षा जांच अभी भी पहले की तरह जारी है। प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के सामान की स्कैनिंग, मेटल डिटेक्टर से जांच और सीसीटीवी निगरानी लगातार की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि राजधानी की सुरक्षा को देखते हुए यह व्यवस्था कुछ समय तक जारी रह सकती है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे स्टेशन पर समय से पहले पहुंचें और सुरक्षा जांच में पूरा सहयोग करें।
बीते दिनों कुछ स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई थी। अचानक प्रवेश बंद होने और सुरक्षा कारणों से लोगों को असुविधा हुई थी। अब स्थिति सामान्य होने के बाद भीड़ नियंत्रित हो गई है और ट्रेनों का संचालन पहले की तरह सुचारु रूप से चल रहा है। ट्रैफिक विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो सेवाएं सामान्य होने से दिल्ली की सड़कों पर वाहनों का दबाव भी कम होगा।
दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही बारिश के बीच मेट्रो यात्रियों की संख्या में और वृद्धि देखी जा रही है। बारिश के दौरान लोग निजी वाहनों की तुलना में मेट्रो को अधिक सुविधाजनक और समय बचाने वाला साधन मानते हैं। सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति में मेट्रो लोगों के लिए सबसे भरोसेमंद परिवहन विकल्प बनी हुई है।
दिल्ली मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे स्टेशन और ट्रेनों में अनुशासन बनाए रखें। प्लेटफॉर्म पर पीली लाइन के पीछे खड़े रहें, किसी भी संदिग्ध वस्तु को न छुएं और ऐसी कोई वस्तु दिखाई देने पर तुरंत सुरक्षा कर्मियों को सूचित करें। साथ ही भीड़भाड़ वाले समय में धैर्य बनाए रखने और कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है।
परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली मेट्रो केवल राजधानी ही नहीं बल्कि पूरे एनसीआर की जीवनरेखा बन चुकी है। हर दिन लाखों लोग इस सेवा का उपयोग करते हैं और इसके माध्यम से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद तथा बहादुरगढ़ जैसे शहर आपस में जुड़े हुए हैं। इसलिए किसी भी प्रकार का व्यवधान सीधे लाखों यात्रियों को प्रभावित करता है।
फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं और प्रशासन लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहा है। सुरक्षा एजेंसियों और मेट्रो प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यदि भविष्य में किसी कारणवश परिचालन व्यवस्था में बदलाव करना पड़ा तो यात्रियों को समय रहते आधिकारिक माध्यमों से जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।