नई दिल्ली, 21 जुलाई। दिल्ली-एनसीआर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर व्यापक अभियान शुरू किया है। राजधानी दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के कई इलाकों में स्थानीय प्रशासन, विकास प्राधिकरण और नगर निगम की संयुक्त टीमों ने अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शहरों में अनियोजित विकास, यातायात बाधित होने और सार्वजनिक भूमि पर बढ़ते कब्जों को रोकने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
अभियान के दौरान उन भवनों और ढांचों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिनका निर्माण बिना स्वीकृति के किया गया है या जिन्होंने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर रखा है। कई स्थानों पर दुकानों के आगे बने अस्थायी शेड, फुटपाथों पर किए गए कब्जे, अवैध पार्किंग और सार्वजनिक रास्तों को घेरकर बनाए गए निर्माण हटाए गए। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल की भी तैनाती की गई ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
दिल्ली विकास प्राधिकरण, नगर निगम और अन्य संबंधित एजेंसियों का कहना है कि शहर में लगातार बढ़ रहे अवैध निर्माण न केवल यातायात व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि जल निकासी, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं पर भी अतिरिक्त दबाव डालते हैं। कई मामलों में ऐसे निर्माण सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करते, जिससे भविष्य में दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। इसी कारण प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति किए गए किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी विकास प्राधिकरण ने कई क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने वालों को पहले नोटिस जारी किए गए थे। निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार अभियान चलाया गया। कई स्थानों पर भारी मशीनों की मदद से अवैध ढांचों को हटाया गया और भूमि को दोबारा सरकारी नियंत्रण में लिया गया।
गुरुग्राम में भी सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण और अवैध व्यावसायिक निर्माणों पर कार्रवाई की गई। नगर निगम का कहना है कि मुख्य सड़कों और बाजारों में अतिक्रमण के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या लगातार बढ़ रही थी। अभियान के बाद कई प्रमुख मार्गों पर यातायात पहले की तुलना में अधिक सुचारु होने की उम्मीद जताई जा रही है। व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों से भी सार्वजनिक स्थानों पर दोबारा कब्जा न करने की अपील की गई है।
गाजियाबाद और फरीदाबाद में भी नगर निगम तथा विकास प्राधिकरण की टीमों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। कई स्थानों पर नालों के ऊपर किए गए अवैध निर्माण हटाए गए ताकि बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या को कम किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि नालों और जल निकासी मार्गों पर अतिक्रमण के कारण हर वर्ष बारिश के दौरान कई इलाकों में पानी भर जाता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए नियमित अभियान चलाया जाएगा।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने भवन निर्माण के लिए आवश्यक स्वीकृतियां नहीं ली हैं, उन्हें भविष्य में भी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार का निर्माण शुरू करने से पहले संबंधित विभाग से अनुमति अवश्य प्राप्त करें। साथ ही संपत्ति खरीदते समय सभी दस्तावेजों की विधिवत जांच करने की भी सलाह दी गई है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े।
शहरी विकास विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ती आबादी के कारण दिल्ली-एनसीआर में नियोजित विकास की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। यदि अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो सड़क, जल निकासी, पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर दबाव लगातार बढ़ता जाएगा। उनका कहना है कि केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि बेहतर शहरी योजना और सख्त निगरानी भी आवश्यक है।
स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रिया भी मिश्रित रही। कुछ लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सार्वजनिक स्थान खाली होंगे और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार आएगा। वहीं कुछ लोगों ने पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग भी उठाई। प्रशासन का कहना है कि प्रत्येक मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है और केवल उन्हीं निर्माणों पर कार्रवाई की जा रही है जो नियमों का उल्लंघन करते पाए गए हैं।
दिल्ली-एनसीआर में आने वाले समय में भी यह अभियान जारी रहने की संभावना है। संबंधित एजेंसियों ने संकेत दिए हैं कि सार्वजनिक भूमि पर नए अतिक्रमण को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण किया जाएगा और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि राजधानी क्षेत्र को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम बनाने के उद्देश्य से अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।