नई दिल्ली, 21 जुलाई। राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मानसून के बीच डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। हाल के दिनों में डेंगू के मामलों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज होने के बाद दिल्ली सरकार, नगर निगम और स्वास्थ्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से रोकथाम अभियान तेज कर दिया है। अस्पतालों को विशेष सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि लोगों से भी साफ-सफाई बनाए रखने और मच्छरों के प्रजनन को रोकने में सहयोग करने की अपील की गई है। गुरुग्राम में भी डेंगू का नया मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार बरसात के मौसम में घरों और आसपास पानी जमा होने से एडीज मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। यही मच्छर डेंगू फैलाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। इसलिए सभी सरकारी अस्पतालों, डिस्पेंसरी और स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक दवाएं, जांच किट और बेड उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
दिल्ली सरकार ने जुलाई महीने को “एंटी डेंगू मंथ” के रूप में मनाते हुए व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। स्कूलों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), बाजार समितियों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से लोगों को डेंगू से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर पानी जमा होने वाले स्थानों का निरीक्षण कर रही हैं और लार्वा मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
नगर निगम की टीमें कॉलोनियों, पार्कों, निर्माण स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष अभियान चला रही हैं। नालियों की सफाई, फॉगिंग और एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव लगातार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जिन स्थानों पर लंबे समय तक पानी जमा रहता है, वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है क्योंकि ऐसे स्थान डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के लिए सबसे अनुकूल माने जाते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में तेज दर्द, त्वचा पर चकत्ते और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं का सेवन करने से बचना चाहिए और समय पर जांच कराना आवश्यक है।
अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि संदिग्ध मरीजों की जांच में देरी न हो और सभी मामलों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के निगरानी पोर्टल पर समय पर दर्ज की जाए। अधिकारियों ने निजी अस्पतालों से भी सहयोग की अपील की है ताकि डेंगू के मामलों की सही निगरानी की जा सके और संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों को पनपने से रोकना है। घरों में कूलर, गमलों, बाल्टियों, टंकियों और अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने दें। सप्ताह में कम से कम एक बार पानी पूरी तरह बदलें और टंकियों को ढककर रखें। सुबह और शाम के समय पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने तथा मच्छररोधी क्रीम या रिपेलेंट का उपयोग करने की भी सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही बारिश के कारण स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा है। प्रशासन का मानना है कि यदि लोग व्यक्तिगत स्तर पर भी साफ-सफाई का ध्यान रखें और अपने आसपास पानी जमा न होने दें, तो डेंगू के मामलों में काफी कमी लाई जा सकती है। इसके लिए सामुदायिक भागीदारी को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी दिल्ली में डेंगू की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अस्पतालों की तैयारियों, निगरानी व्यवस्था और जनजागरूकता कार्यक्रमों को और मजबूत करने पर जोर दिया है। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखा जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।