Ghaziabad
गाजियाबाद( 12 जुलाई 2026) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशन में प्रदेशव्यापी “वृक्षारोपण महायज्ञ-2026” के तहत जनपद गाजियाबाद में पर्यावरण संरक्षण की एक बड़ी अलख जगाई गई। जिला प्रशासन व सामाजिक वानिकी प्रभाग के संयुक्त तत्वावधान में विजयनगर में रक्षा भूमि राइफल रेंज परिसर में “सबका साथ, वनों का विकास” तथा “एक पेड़ माँ के नाम” थीम पर भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान अकेले इस परिसर में 50 हजार पौधों का रोपण किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आयना डांस एकेडमी की ओर से प्रस्तुत मनमोहक गणेश वंदना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ।
विशिष्ट अतिथि और सदर विधायक संजीव शर्मा ने इस बदलाव को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वर्ष 2025 से पूर्व इस क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण, गंदगी और असामाजिक गतिविधियों का बोलबाला था। जिला प्रशासन और वन विभाग के साझा प्रयासों से अब इस क्षेत्र का पूरी तरह कायाकल्प हो चुका है, जो अब हरित और स्वच्छ वातावरण के रूप में सामने है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग की चुनौतियों से निपटने और आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ वातावरण देने के लिए वृक्षारोपण बेहद जरूरी है। भारतीय संस्कृति में वृक्षों को देवतुल्य माना गया है और इनके संरक्षण में ही मानवता का कल्याण है।
“जब हम वृक्षों की रक्षा करेंगे, तभी वृक्ष हमारी रक्षा करेंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशासन द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा।” रविन्द्र कुमार मॉंदड़, जिलाधिकारी, गाजियाबाद
डीएफओ ईशा तिवारी ने जानकारी दी कि इस वर्ष जनपद को 10,22,300 पौधों के रोपण का लक्ष्य मिला है, जिससे अधिक का लक्ष्य हासिल करने की कोशिश जारी है। मुख्य कार्यक्रम स्थल पर मुख्य अतिथि ने पाकड़, विधायक ने पीपल और जिलाधिकारी ने बरगद का पौधा लगाकर ‘हरिशंकरी’ की स्थापना की । इसके साथ ही डीएफओ ने नीम और सीडीओ कुमार सौरभ ने महोगनी का पौधा रोपा। शेष पौधों को जिले के अन्य 2,100 चिन्हित स्थानों पर पौधारोपण किया जाएगा।
डॉ. पूनम शर्मा के संचालित किए गए इस कार्यक्रम में एसडीएम अरुण दीक्षित, जिला विद्यालय निरीक्षक बुद्ध प्रिय सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी ओ.पी. यादव सहित वन विभाग के अधिकारी डा. सलोनी, निमि कुचिया, अमित सिंह व भारी संख्या में स्थानीय नागरिक और स्कूली बच्चे मौजूद रहे।