नेपाल से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद कई जिले जलमग्न
lucknow
लखनऊ (28 सितंबर 2026) उत्तर प्रदेश और बिहार एक बार फिर विनाशकारी बाढ़ की गंभीर विभीषिका के मुहाने पर खड़े हैं। नेपाल के तराई व पहाड़ी इलाकों में जारी भीषण मूसलाधार बारिश के बाद वहां से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण सीमावर्ती और मैदानी क्षेत्रों में हालात बेहद नाजुक और चिंताजनक हो गए हैं। गंडक बैराज से लाखों क्यूसेक जल प्रवाहित किए जाने से दोनों राज्यों के निचले और तटीय इलाकों में तेजी से पानी फैल रहा है, जिससे विकराल संकट खड़ा हो गया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस बार नेपाल से छोड़े गए पानी की मात्रा पिछली त्रासदियों की तुलना में कहीं अधिक है, जिसके कारण स्थिति के अनियंत्रित और भयावह होने की प्रबल आशंका जताई जा रही है। बिहार की प्रमुख नदियां विशेषकर कोसी और बागमती उफान पर हैं और इनका जलस्तर रिकॉर्ड गति से बढ़ रहा है।
इस जलप्रलय से बिहार के बड़े हिस्से में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। राज्य के मधुबनी, मधेपुरा, पश्चिमी व पूर्वी चंपारण, दरभंगा और सहरसा जिलों के विशाल भूभाग जलमग्न हो चुके हैं। कई गांवों का जिला मुख्यालयों से संपर्क पूरी तरह कट गया है, सैकड़ों घर पानी में समा चुके हैं और हजारों एकड़ में लगी फसलें तबाह हो गई हैं। तेजी से बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है, वहीं सुरक्षित स्थानों की तलाश में पलायन कर रहे ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल है।