40 सोसाइटियों को मिलेंगे विशेष प्लास्टिक बिन
Greno
ग्रेटर नोएडा( 25 जुलाई 2026) शहर को पॉलिथीन मुक्त, स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में एक और ज्ञानवर्धक व क्रांतिकारी पहल की शुरुआत हुई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, आईपीसीए (IPCA) और ‘किया इंडिया’ (Kia India) ने सीएसआर (CSR) के तहत हाथ मिलाते हुए ‘डेवलप रिस्पोंसबिल आउटलुक फॉर प्लास्टिक’ (DROP) योजना का शुभारंभ किया है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य बल्क वेस्ट जेनरेटर की श्रेणी में आने वाली सोसाइटियों से प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक और सुव्यवस्थित तरीके से प्रबंधन करना है।
डेवलप रिस्पोंसबिल आउटलुक फॉर प्लास्टिक (DROP) योजना, पहले चरण में शहर की 40 प्रमुख सोसाइटियों में प्लास्टिक एकत्र करने के लिए निशुल्क विशेष डस्टबिन लगाए जाएंगे, एकत्र प्लास्टिक वेस्ट को रोजाना ले जाने के लिए एक समर्पित वाहन तैनात किया गया है, सोसाइटियों से एकत्र प्लास्टिक को सीधे प्रोसेसिंग प्लांट ले जाया जाएगा, जहां इसे रिसाइकिल कर उपयोगी उत्पादों में बदला जाएगा।
शुक्रवार को प्राधिकरण के महाप्रबंधक (परियोजना) एके सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह और सहायक प्रबंधक गौरव बघेल ने प्लास्टिक वेस्ट संग्रहण वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
योजना के शुभारंभ के अवसर पर प्राधिकरण के ऑडिटोरियम में कई ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, कलाकारों ने नाटक के जरिए पॉलिथीन से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान और बीमारियों के प्रति सचेत किया। साथ ही, प्लास्टिक के उपयोग को घटाने (Reduce) और रीसाइकिल (Recycle) करने के प्रभावी विकल्प बताए, प्लास्टिक वेस्ट से बने उत्पादों की प्रदर्शनी: ऑडिटोरियम के बाहर रीसाइकिल्ड प्लास्टिक से बनी अनोखी वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसने उपस्थित स्कूली बच्चों और आरडब्ल्यूए (RWA) प्रतिनिधियों का ध्यान खींचा।
महाप्रबंधक एके सिंह ने स्पष्ट किया कि ये विशेष बिन उन्हीं सोसाइटियों में लगाए जाएंगे, जहां गीले और सूखे कूड़े का पृथक्करण (Segregation) ईमानदारी से हो रहा है, सहायक प्रबंधक गौरव बघेल और आईपीसीए के सचिव अजय गर्ग व उपनिदेशक डॉ. राधा गोयल ने कहा कि शहर को कचरा मुक्त बनाने के लिए निवासियों को दो डस्टबिन का नियम अपनाना होगा।
प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने ग्रेटर नोएडावासियों से पॉलिथीन का इस्तेमाल कम करने और कचरा केवल निर्धारित डस्टबिन में ही डालने की अपील की है।