New Delhi
नई दिल्ली (25जून 2026) वेनेजुएला इस समय अपने इतिहास की सबसे दर्दनाक और अभूतपूर्व प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। एक के बाद एक आए 7.1 और 7.5 तीव्रता के दो विनाशकारी भूकंपों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। पलक झपकते ही हंसते-खेलते शहर मलबे के ढेर में तब्दील हो गए हैं। इस समय चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार, अपनों को खोने का गम और मलबे से आती सिसकियां सुनाई दे रही हैं।
अमेरिकी जांच एजेंसी की शुरुआती रिपोर्ट ने इस त्रासदी का आंकलन करते हुए आशंका जताई है कि इस महाविनाशकारी भूकंप में 10,000 से लेकर 1 लाख तक लोगों के मारे जाने की आशंका जताई गई है। जैसे-जैसे मलबे को हटाया जा रहा है, मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है, जिससे पूरा विश्व स्तब्ध है।
मलबे में तब्दील हुआ देश, आपातकाल घोषित
भूकंप का झटका इतना जोरदार था कि देश की सैकड़ों बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह जमींदोज़ हो गईं। देश की जीवनरेखा माना जाने वाला प्रमुख एयरपोर्ट भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे हवाई संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए पूरे वेनेजुएला में आपातकाल (इमरजेंसी) लागू कर दिया गया है।
सभी स्कूल और कॉलेज अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं।
घायलों के इलाज के लिए देश के सभी डॉक्टरों और नर्सों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं।
और अधिक तबाही को रोकने के लिए पूरे देश की गैस पाइपलाइनों की सप्लाई काट दी गई है।
अपनों को ढूंढने के लिए ‘वैनएप’ का सहारा
तबाही के कारण पूरे देश में इंटरनेट सेवा पूरी तरह ठप हो चुकी है। ऐसे में मलबे में दबे और लापता लोगों की खोजबीन के लिए सरकार ने नागरिकों से वैनएप (VenApp) का इस्तेमाल करने की अपील की है, ताकि राहत कर्मियों तक लोकेशन और जानकारी पहुंचाई जा सके।
संकट की घड़ी में भारत खड़ा है साथ
इस बेहद कठिन और भावुक कर देने वाले समय में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। संकट की इस घड़ी में प्रधानमंत्री मोदी ने वेनेजुएला की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है और आश्वासन दिया है कि भारत इस आपदा से निपटने के लिए हरसंभव मानवीय सहायता और राहत सामग्री देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
वेनेजुएला आज एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जहाँ उसे हर एक छोटी मदद की जरूरत है। दवाइयां, खाना, पानी और मलबे से जिंदगी को खींच निकालने के लिए आधुनिक उपकरणों की सख्त आवश्यकता है। यह समय राजनीति से ऊपर उठकर इस बेहाल देश के मासूम नागरिकों की जान बचाने के लिए एकजुट होने का है।
हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वेनेजुएला के लोगों को इस असीम दुख को सहने की शक्ति मिले।