New Delhi
नई दिल्ली (24 मई 2026) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिरडी में निजी क्षेत्र की कंपनी एनआईबीई ग्रुप के रक्षा विनिर्माण परिसर का शुभारंभ करते हुए कहा, “जो राष्ट्र अपने हथियार स्वयं बनाता है, वह अपना भविष्य स्वयं लिखता है।” इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे। यह अत्याधुनिक परिसर उन्नत तोपखाने प्रणालियों, मिसाइल एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रॉकेट प्रणालियों, ऊर्जावान सामग्री तथा स्वायत्त रक्षा प्लेटफार्मों के निर्माण के लिए विकसित किया गया है।
इस कार्यक्रम के तहत भारत की पहली 300 किलोमीटर की सार्वभौमिक रॉकेट प्रक्षेपण प्रणाली ‘सूर्यस्त्र’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस प्रणाली के लिए एक मिसाइल परिसर की आधारशिला भी रखी गई। इसके अलावा, समारोह के दौरान स्वदेशी टीएनटी संयंत्र प्रौद्योगिकी, आरडीएक्स संयंत्र प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय जैव-ऊर्जा संपीड़ित बायोगैस संयंत्र का अनावरण किया गया। उपग्रह संयोजन के क्षेत्र में एनआईबीई समूह और ब्लैक स्काई के बीच एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए।
इस कार्यक्रम में प्रौद्योगिकी प्रदर्शन, लघु एवं मध्यम उद्यमों की रक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन और उद्योग जगत के नेताओं तथा रक्षा क्षेत्र के हितधारकों के साथ संवाद भी शामिल थे। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, महाराष्ट्र सरकार के उद्योग मंत्री उदय सामंत, जल संसाधन मंत्रीराधाकृष्ण ई. विखेपाटिल, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत, अन्य वरिष्ठ नागरिक एवं सैन्य अधिकारी, रणनीतिक साझेदार तथा उद्योग जगत के हितधारक इस अवसर पर मौजूद थे।