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कुलभूषण जाधव मामले पर बेशर्म पाकिस्तान बेनक़ाब ! लेकिन हम सबक़ कब लेंगे ?

HTETरोहतक (27 दिसंबर 2017) -पाकिस्तान में क़ैद कुलभूषण जाधव से मुलाक़ात करने उनकी माता जी और पत्नी को पाकिस्तान ने पूरा सम्मान नहीं दिया। यहां तक कि उनकी पत्नी का मंगल सूत्र और जूते तक उतरवा दिये गये। इस मामले पर पाकिस्तान की जितनी भी निंदा की जाए कम है।
उधर हरियाणा से जुड़ी दो ख़बरे जो वहां के अख़बारों में प्रमुखता से छपी है। उनका ज़िक्र करते हुए भी शर्म आ रही है। हरियाणा हुई एक परीक्षा से जुड़ी ख़बरों की हैडिग और उनके लिंक ज्यूं के त्यूं आपके सामने हैं। ये दोनों ख़बरे जागरण में छपी हैं…
नवविवाहिताएं बोलीं- उफ कैसी ये परीक्षा, कैसे उतारें सुहाग का चूड़ा
Publish Date:Sun, 24 Dec 2017 12:52 PM (IST) | Updated Date:Sun, 24 Dec 2017 06:07 PM (IST)
शिक्षक पात्रता परीक्षा में इतनी सख्ती बरती गई कि महिलाओं को अपने आभूषण भी परीक्षा केंद्र के बाहर ही उतारने पड़े। इसके कारण महिलाएं परेशान रहीं।
फतेहाबाद [मुकेश खुराना]। हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा केंद्र पर भावी शिक्षकों की भीड़ जमा थी। हर परीक्षार्थी को अपनी सीट तक जाने की बेताबी थी। इनमें शामिल थीं रानियां की अलीशा और मंडी डबवाली की हरप्रीत। इन दोनों के प्रवेश की बारी आई तो चेकिंग स्टाफ ने रोक दिया। यह कहते हुए कि पहले आप अपना चूड़ा उतारो। यह सुनते ही अजीब दुविधा दोनों के चेहरे पर उतर आई।
जुबां पर ये शब्द कि उफ, ये कैसी परीक्षा है? एक तरफ भविष्य तो दूसरी तरफ सुहाग। कैसे उतारूं वैवाहिक जीवन की परंपरा में शामिल सुहाग की निशानी चूड़ा? यह सोच दोनों ही नवविवाहित महिला परीक्षार्थी चूड़ा न उतारने पर अड़ गईं। राजकीय महिला महाविद्यालय विद्यालय के इस केंद्र पर काफी देर तक हंगामा होता रहा। आखिर उपायुक्त डा. हरदीप ङ्क्षसह ने हस्तक्षेप किया।
उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिये कि शिक्षा बोर्ड के उच्चाधिकारी से बात करो। वहां बात हुई तो पूरी तरह चेक करने के बाद परीक्षा देने की इजाजत मिली। इस तरह, सुहाग का चूड़ा न उतारने की परंपरा की जीत हुई। ऐसी ही घटना क्रिसेंट कॉलेज आफ एजुकेशन के बाहर भी देखने को मिली।
नवविवाहित परीक्षार्थी व सिरसा के रानियां निवासी अलीशा ने बताया कि उसकी ढाई महीने पहले शादी हुई है। एचटेट लेवल तीन की जब परीक्षा देने के लिए आई तो हाथों में पहना चूड़ा उतारने के लिए कहा जा रहा है, जबकि रीति-रिवाज के अनुसार इसे नहीं उतार सकते। ससुराल के लोगों से भी बात हुई है उन्होंने चूड़ा उतारने से मना कर दिया है। मंडी डबवाली से आई हरप्रीत ने कहा कि उसकी एक महीना पहले शादी हुई है। चूड़ा उतारने के लिए दबाव डाला जा रहा है जबकि रिवाज के अनुसार तय समय से पहले नहीं उतार सकते। ससुराल के लोगों ने कहा है कि पेपर छोड़ दो और वापस आ जाओ।
डीईओ दयानंद सिहाग का कहना है कि हमारी मजबूरी थी। हालांकि मामला जब सामने आया तो उपायुक्त के निर्देश पर हमने बोर्ड के डिप्टी सेक्रेटरी बलवान ङ्क्षसह से बात की। उन्होंने अन्य जांच के उपरांत परीक्षा देने की अनुमति दे दी।
इसके अलावा जागरण की ही एक और ख़बर देखें….
एचटेट पर रही लाइव नजर, युवतियों की ज्वैलरी भी उतरवाई गई
Publish Date:Sun, 24 Dec 2017 02:25 PM (IST) | Updated Date:Sun, 24 Dec 2017 02:33 PM (IST)
हरियाणा में आज भी हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया गया। इस दौरान परीक्षा केंद्र में जाने से पहले परीक्षार्थियों को कड़ी जांच की गई।
जेएनएन, भिवानी। हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) रविवार को भी आयोजित की गई। प्रात: कालीन सत्र में लेवल-2 एवं सायंकालीन सत्र में लेवल-1 की परीक्षा संचालित हुई। पऱीक्षा केंद्र तक पहुंचने में परीक्षार्थियों को कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा। महिलाओं को परीक्षा हाल तक पहुंचने से पहले अपने आभूषण तक उतारने पड़ेे। कई जगह इसका विरोध भी हुआ, लेकिन अधिकारियों व सुरक्षा कर्मियों ने नियमों का हवाला देते हुए परीक्षा में सख्ती बरती।
इससे पूर्व गत दिवस शनिवार को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने पूरे प्रदेश के परीक्षा केंद्रों पर लाइव नजर रखी। इसके लिए शिक्षा बोर्ड कमेटी हाल में हाईटेक कंट्रोल रूप स्थापित कर उसमें बड़ी स्क्रीन लगाई गई थी, जिस पर प्रदेशभर में बनाए गए 543 परीक्षा केंद्रों की हर पल की अपडेट जानकारी ली जा रही थी।
वहीं हर परीक्षा केंद्र पर 16 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। एचटेट की लाइव कवरेज कर हरियाणा शिक्षा बोर्ड देश का पहला बोर्ड बन गया है। एचटेट लेवल-3 की परीक्षा के लिए करीब एक लाख 27 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।
बोर्ड के चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि लाइव कवरेज के लिए 12 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम सुबह ही जुट गई थी। हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा में प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी कैमरों से लाइव कवरेज, आधार-आधारित बायोमैट्रिक उपस्थिति के अलावा मेटल डिटेक्टर से लाइव फ्रिङ्क्षस्कग (तलाशी), वीडियोग्राफी और इलैक्ट्रोनिक उपकरणों का प्रयोग रोकने के लिए जैमर की व्यवस्था करके व्यापक इंतजाम किए गए।
बोर्ड के सचिव धीरेंद्र खडग़टा ने कहा कि प्रश्न-पत्रों वाली संदूकों पर ताले और सील लगाकर परीक्षा केंद्रों पर भेजा गया। केंद्र अधीक्षक के अलावा उपायुक्त प्रतिनिधि की मौजूदगी में कैमरे की नजर में प्रश्नपत्र खोले गए। उपायुक्त डा. अंशज ङ्क्षसह ने भी बोर्ड कार्यालय में आकर हाईटेक कंट्रोल रूम से परीक्षा इंतजामों का जायजा लिया।
शिक्षा मंत्री ने भी किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण
बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि एचटेट लेवल-3 की परीक्षा के दौरान शिक्षा मंत्री हरियाणा रामबिलास शर्मा ने गुरुग्राम जिले के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। बोर्ड अध्यक्ष डा. जगबीर ङ्क्षसह और सचिव ने भिवानी जिले के स्कूलों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों का दौरा किया गया।
नाक का कोका नहीं खुला तो केंद्र पर बुलाए सुनार
सबसे ज्यादा परेशानी महिला परीक्षार्थियों को उठानी पड़ी। महिलाओं को नाक में कोका तक अंदर लेकर जाने की अनुमति नहीं थी। इस दौरान कई महिला परीक्षार्थी कोका नहीं उतरने पर सुनार के पास पहुंच गई। इसके अलावा कई जगह सुनार को परीक्षा केंद्र पर बुलाया गया। वहीं परीक्षार्थी को सिर्फ एक ही पैन ले जाने की अनुमति दी गई। कई केंद्रों पर परीक्षार्थी दो पेन ले जाने की जिद करते दिखे, लेकिन चेकिंग अधिकारी नहीं माने।
कुछ परीक्षार्थी नहीं लेकर पहुंचे रजिस्ट्रेशन फार्म, रह गए वंचित
परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थी को एडमिट कार्ड के साथ-साथ रजिस्ट्रेशन फार्म भी लेकर आना था, लेकिन कई परीक्षार्थी नहीं पहुंचे। ऐसे परीक्षार्थियों को वापस भेज दिया गया।
दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए नहीं दिखी व्यवस्था
शिक्षा विभाग ने एचटेट के लिए दिव्यांग परीक्षार्थियों को गृह जिला अलॉट कर दिया, लेकिन उन्हें एंट्री करने के लिए डेढ घंटे का इंतजार करना पड़ा। इनके लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई।
https://www.jagran.com/haryana/bhiwani-haryana-teacher-eligibility-test-17251027.html
इतिहास गवाह है कि पाकिस्तान से कोई अच्छी उम्मीद करना बेकार ही है। इसके अलावा उसको तो हम सबक़ सिखाते ही रहते हैं, और आगे भी कभी न कभी ढंग से उसको सबक़ सिखा ही देंगे। लेकिन सवाल ये है कि आख़िर हम ख़ुद कब सबक़ लेंगे। क्या हम अपनी बहन बेटियों तक को परीक्षा के दौरान अपमानित करने को भी सरकारी ड्यूटी का हिस्सा मानते हैं।
(लेखक आज़ाद ख़ालिद टीवी पत्रकार है डीडी आंखों देखीं, सहारा समय, इंडिया टीवी, इंडिया न्यूज़ समेत कई नेश्नल चैनल्स में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं वर्तमान में हरियाणा से प्रसारित होने वाले एक चैनल में बतौर चैनल हेड कार्यरत हैं।)

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आज़ाद ख़ालिद टीवी जर्नलिस्ट हैं, सहारा समय, इंडिया टीवी, वॉयस ऑफ इंडिया, इंडिया न्यूज़ सहित कई नेश्नल न्यूज़ चैनलों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। Read more

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