SPG ही चाहिए, ये ज़िद ठीक नहीं-गांधी परिवार ही नहीं 130 करोड़ लोगों की सुरक्षा भी ज़रूरी: अमित शाह

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नई दिल्ली (3 दिसंबर 2019)- स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानि एसपीजी संशोधन बिल 2019 संसद में पास हो गया। उसको लेकर लोगों के मन फैलाई जा रही भ्रांतियों पर केंद्रीय गृह मंत्री ने बाक़ायदा संसद में स्पष्टीकरण दिया। गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सभा में कहा कि यह बिल एक परिवार को ध्यान में रखकर नहीं लाया जा रहा है। उनका कहना था कि गांधी परिवार की सुरक्षा और एसपीजी की सुरक्षा के बीच में कोई संबंध नहीं है, उनके लिए पहले ही जेड प्लस यानि एएसएल, एंबुलेंस की सुविधा के साथ सुरक्षा उपलब्ध करा दी गई है, जो 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। अनित शाह का कहना था कि एसपीजी के बिल में यह पांचवा संशोधन एक परिवार के कारण नहीं है बल्कि पहले चार परिवर्तन एक परिवार को ध्यान में रखकर किए गए थे।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि लोकतंत्र में बारी-बारी आना जाना पड़ता है। उसे स्वीकार भी करना पड़ता है, देश में 130 करोड़ लोग अपना वोट डालते हैं और चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा फिर प्रधानमंत्री तय होता है और आज यह सच है कि श्री नरेंद्र मोदी इस देश के प्रधानमंत्री हैं। श्री शाह ने कहा कि केवल गांधी परिवार ही नहीं, गांधी परिवार सहित 130 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है और उसका निर्वहन करने में हमें कोई आपत्ति नहीं है। किंतु किसी को एसपीजी ही चाहिए यह जिद ठीक नहीं है। उनका कहना था कि एसपीजी का गठन विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के जवानों को लेकर किया जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर देकर कहा कि गांधी परिवार के तीनों सुरक्षा प्राप्तकर्ताओं को वही सुरक्षा जवान दिए गए हैं जो किसी न किसी रूप में एसपीजी में प्रशिक्षण प्राप्त हैं। गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक रिलीज़ के मुताबिक़ अमित शाह ने कहा कि एस पी जी को स्टेटस सिंबल न बनाया जाय। गांधी परिवार को देश के नागरिक को मिलने वाली सर्वोच्च सुरक्षा दी गई है जो कि देश के रक्षा मंत्री, गृह मंत्री व अन्य के पास है, लेकिन उनकी ये मांग के उन्हे एस पी जी सुरक्षा ही मिले उचित नहीं है। उन्होने कहा कि लोकतन्त्र में कानून सबके लिए बराबर होता है, एक परिवार के लिए अलग कानून नहीं हो सकता। हम परिवार का नहीं परिवारवाद का विरोध करते हैं।
अमित शाह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की समीक्षा के आधार पर सुरक्षा हटाई गई थी, वीपी सिंह, नरसिम्हा राव, आईके गुजराल और डॉक्टर मनमोहन सिंह की सुरक्षा को हटाकर जेड प्लस सिक्योरिटी से परिवर्तित किया गया किंतु विपक्ष ने किसी तरह का शोर-शराबा नहीं किया था।
अमित शाह ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून सभी के लिए बराबर होता है। उन्होंने यह भी कहा कि हम परिवार का विरोध नहीं कर रहे हैं, परिवारवाद का विरोध करते हैं। परिवारवाद एक व्यवस्था है और इसका पुरविरोध करते रहेंगे। एक प्रश्न के जवाब में श्री शाह ने जस्टिस वर्मा की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें लिखा था कि राजीव गांधी की हत्या करना इसलिए सरल हुआ क्योंकि पर्याप्त सुरक्षा की व्यवस्था नहीं की गई थी।
अमित शाह ने प्रियंका वाड्रा के घर हाल में ही हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस दिन उनके घर आने वाली गाड़ी में कांग्रेस के ही कार्यकर्ता थे। उनका कहना था कि इस पूरी घटना की जांच के आदेश दिए जा चुके हैं और जिम्मेदार लोगों को सस्पेंड भी किया गया है। शाह ने कहा कि इस प्रकार की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को सार्वजनिक नहीं करना चाहिए बल्कि संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर सूचना दी जा सकती थी।

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आज़ाद ख़ालिद टीवी जर्नलिस्ट हैं, सहारा समय, इंडिया टीवी, वॉयस ऑफ इंडिया, इंडिया न्यूज़ सहित कई नेश्नल न्यूज़ चैनलों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। Read more

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