शीतकालीन सत्र का पहला दिन-हंगामा न करने पर बीजेडी व एनसीपी की तारीफ-फ़ारूक़ अब्दुल्लाह पर सवाल

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नई दिल्ली (18 नवंबर 2019)- संसद में हंगामा न करने और आसन के नज़दीक न आने को लेकर पीएम मोदी ने बीजद और एनसीपी की तारीफ की है। मौक़ा था संसद के शीतकालीन सत्र का पहला दिन।
दरअसल 18 नवंबर से 13 दिसंबर तक चलने वाला संसद का शीतकालीन सत्र शुरु हो चुका है। कई मायनों में पहला दिन ख़ास रहा। पहले के मुक़ाबले में विपक्ष थोड़ा मज़बूत दिखा। जिसकी वजह अब तक एनडीए के साथ रही शिव सेना क साथ छोड़ना भी रहा। यानि विपक्ष की तादाद लोकसभा में 200 की गिनती तक जा पहुंची। उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आसन के नज़दीक न आने और हंगामा किये बगैर विकास और अपने कार्य कराने की क्षमता के लिए शरद पवार की पार्टी एनसीपी और बीजू जनता जल यानि बीजेडी की तारीफ की है। उन्होने इसके लिए दूसरी पार्टियों के अलावा अपनी पार्टी यानि बीजेपी को कहा है वो सीख ले सकते हैं।
जबकि सोमवार को पहले दिन कई अहम सवालों के बीच श्रीगर के सांसद और नेश्नल कांफ्रेस के नेता फारूख अब्दुल्ला को लेकर भी रहा। उनकी हिरासत को लेकर कांग्रेस, द्रमुक और दूसरे विपक्षी दलों के सदस्यों ने लोकसभा में सरकार से सवाल किया। साथ ही लोकसभा अध्यक्ष से सरकार को अब्दुल्ला को तत्काल रिहा करने का आदेश देने का अनुरोध भी किया। इसी मामले पर विरोध ज़ाहिर करते हुए कांग्रेस के सदस्यों ने सदन का वॉकऑउट भी किया।
उधर कांग्रेस ने अपने नेताओं की SPG सुरक्षा वापस लिये जाने को लेकर भी सवाल खड़े किये। इसके अलावा कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने 108 दिन से हिरासत में चल रहे नेश्वल कांफ्रेंस के नेता फारुक़ अब्दुल्ला पर सवाल उठाए। इसके अलावा सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से एसपीजी सिक्यूरिटी कवर हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया।
इसके अलावा सत्र के पहले दिन लोकसभा में 4 नए मेंबर्स को शपथ दिलाई गई। इनमें बीजेपी की हिमादी सिंह, लोकजन शक्ति पार्टी के प्रिंस राज, एनसीपी के श्रीनिवास दादा पाटिल और द्रमुक के डी एम कथिर आनंद शामिल थे। कश्मीर के हालात को लेकर माकपा के राज्यसभा सदस्य इलामारम करीम ने सवाल उठाए।
राज्यसभा के 250वें सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का हवाला देते हुए कहा कि राज्यसभा दूसरा सदन है, दोयम नहीं। पीएम मोदी ने कहा कि राज्यसभा चुनावी राजनीति से दूर रहने वाले लोगों को भी देश और उसके विकास में योगदान देने का मौका देती है।
जबकि पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेसी नेता डॉक्टर मनमोहन सिंह ने राज्यसभा में कि सरकार पर नियंत्रण बनाए रखने में राज्यसभा की केंद्रीय भूमिका है।
संसद के शीतकालीन सत्र में प्रदूषण का मसला भी दिखा। संसद भवन में प्रदूषण को लेकर पोस्टर लिये कांग्रेसी सांसद गौरव गोगोई दिखाई दिये। जबकि महाराष्ट्र में किसानों के मुद्दे पर संसद में शिवसेना का प्रदर्शन नज़र आया। उधर संसद भवन में गांधी प्रतिमा के सामने कश्मीर के सांसद धरने पर बैठे दिखे। कश्मीर से राज्यसभा सांसद नजीर अहमद लावे और मीर फय्याज़ ने कश्मीर में सरकार के दावे गलत बताए। उनका कहना है कि साढ़े तीन महीने से बच्चे स्कूल नहीं गये,हमारे नेता बंद हैं। इसलिए वहां विकास का दावा बेइमानी है। उन्होने कहा कि कल तक जो मुख्यमंत्री थे आज उनको बंद कर दिया गया।

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आज़ाद ख़ालिद टीवी जर्नलिस्ट हैं, सहारा समय, इंडिया टीवी, वॉयस ऑफ इंडिया, इंडिया न्यूज़ सहित कई नेश्नल न्यूज़ चैनलों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। Read more

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