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तब्लीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद पर मानवाधिकार आयोग में केस दर्ज; संगठन पर प्रतिबंध की मांग



तब्लीगी जमात के प्रमुख मौलाना मोहम्मद साद कांधलवी के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने केस दर्ज कर लिया है। एनएचआरसी ने ये केस अयोध्या के रहने वाले रजनीश सिंह की शिकायत पर दर्ज किया है। सिंह का आरोप है कि, मौलाना साद व उसके संगठन के लोगों ने भारत में साजिश के तहत कोरोनावायरस फैलाया है। मालूम हो कि, उत्तर प्रदेश के 40 जिलों में 410 कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं। इनमें 221 तब्लीगी जमाती हैं। जमात से जुडे 1600 से अधिक तब्लीगियों को राज्य में खोजा गया है। जबकि, 1300 से अधिक लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है।

मौलाना साद और उनके “संगठन तबलीगी जमात” पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में केस दर्ज कर लिया गया है। मौलाना और उसके संगठन पर आरोप है कि उनके द्वारा भारत मे सुनियोजित तरीके से कोविड19 को फैलाया जा रहा है। मैं मानवाधिकार आयोग को धन्यवाद देता हूँ जिसने मामले की गंभीरता को समझते हुए मामला दर्ज कर लिया है।

अयोध्या निवासी रजनीश सिंह ने कहा- आरोपी मौलाना और उसके संगठन ने जानबूझकर कोविड-19 जैसी महामारी को भारत में सुनियोजित ढंग से फैलाया है। प्रशासन के रोक के बावजूदमरकज के नाम पर दिल्ली में मुसलमानों की अच्छी खासी भीड़ जुटी। उस भीड़ के अधिकांश मौलाना कोविड संक्रमित थे और वो जानबूझकर दूसरों को संक्रमित करने के सारे हथकंडे इलाज के दौरान अपना रहे हैं और अभी तक भारत में लगभग 3000 मरीजों में अब तक 1100 के आसपास मरीज तबलीगी जमात से जुड़े हुए हैं। ऐसे में भारत में इस महामारी के कारण के रूप में मौलाना और उसकी जमात को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। ये मौलाना समाज में मानवता के दुश्मन के रूप में हैं। जिन्होंने देश को माहमारी के मुंह में धकेलने का कार्य किया। इस जमात पर प्रतिबंध लगाया जाए और मौलाना को कठोर दंड दिया जाए।

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शिकायकर्ता ने कहा- मौलाना समाज में मानवता के दुश्मन के रूप में हैं। जिन्होंने देश को माहमारी के मुंह में धकेलने का कार्य किया। इस जमात पर प्रतिबंध लगाया जाए और मौलाना को कठोर दंड दिया जाए।

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आज़ाद ख़ालिद टीवी जर्नलिस्ट हैं, सहारा समय, इंडिया टीवी, वॉयस ऑफ इंडिया, इंडिया न्यूज़ सहित कई नेश्नल न्यूज़ चैनलों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। Read more

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