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‘El Niño Bulletin भारतीय समुद्री क्षेत्रों की रक्षा के लिए INCOIS का नया सुरक्षा कवच, ‘अल नीनो बुलेटिन’ का शुभारंभ

New Delhi  नई दिल्ली (23 जून 2026) समुद्री क्षेत्रों पर अल नीनो के संभावित प्रभावों को उजागर करने के लिए आईएनसीओआईएस ने विशेष अल नीनो बुलेटिन जारी करना शुरू कर दिया है। पहला विशेष बुलेटिन 22 जून 2026 को आईएनसीओआईएस में आयोजित एक कार्यक्रम में चेवेल्ला संसदीय क्षेत्र से सांसद  कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी गारू ने जारी किया  था।

बुलेटिन इस बात की पुष्टि करता है कि अल नीनो की घटना लगातार बढ़ रही है और इसके सर्दियों के मौसम (नवंबर 2026 से जनवरी 2027) में चरम पर पहुंचने की उम्मीद है। इसके परिणामस्वरूप, हिंद महासागर में समुद्र की सतह का तापमान अप्रैल/मई 2027 तक सामान्य से अधिक रहेगा। उत्तरी हिंद महासागर (अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों) में समुद्री परितंत्र के आने वाले महीनों में, विशेष रूप से मार्च-मई 2027 के दौरान, ऊष्मीय दबाव से ग्रस्त होने की संभावना है। इससे प्रवाल भित्तियों का विरंजन बढ़ सकता है, समुद्री तापप्रसवों की घटनाएं बढ़ सकती हैं और मछली पकड़ने में कमी आ सकती है (विशेष रूप से सार्डिन और मैकेरल प्रजातियों में), क्योंकि मछलियां उपयुक्त आवासों की ओर पलायन कर सकती हैं या उनके प्रजनन में कमी आ सकती है। इसके अलावा, विकसित हो रहे अल नीनो से संबंधित समुद्री पर्यावरणीय परिस्थितियों में बदलाव के कारण मछलियां वांछित आकार नहीं ले पाएंगी।
मानसून के मौसम में बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति अशांत रहेगी और भारत के पूर्वी तट पर तटीय कटाव और बाढ़ बढ़ने की संभावना है। वहीं, अरब सागर और पश्चिमी तट पर समुद्र की स्थिति सामान्य से शांत रहने की संभावना है, जिससे विभिन्न समुद्री क्षेत्रों के संचालन के लिए अधिक अवसर मिलेंगे। मौजूदा मानसून के मौसम में पश्चिमी तट पर तटीय कटाव और जलभराव कम होने की संभावना है।

आईएनसीओआईएस ने सभी समुद्री संचालकों को समय-समय पर जारी किए गए अलर्ट, चेतावनियों और सलाहों का बारीकी से पालन करने की सलाह दी है। अगला विशेष बुलेटिन जुलाई 2026 के दूसरे सप्ताह में जारी किया जाएगा।

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