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सोच समझ कर ही लो थाली में-ताकि खाना न जाए नाली में:दुलारी समिति

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साहिबाबाद(22अगस्त2015)- खाने की बर्बादी और भोजन की एहमियत को समझाने के लिए सामाजिक संस्था दुराली ने एक अनूठी पहल की है। जिसमें स्टेज कालकारों द्वारा नाटक के माध्यम से समाज को भोजन के बर्बाद करने की प्रवृति के खिलाफ जनमानस को जागरुक किया गया है।
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दुलारी समिति द्वारा जारी एक प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़ साहिबाबाद के एक स्कूल में किये गये इस कार्यक्रम में कलाकारों ने लोगों को समझाया है कि अगर खुद का पेट भरते समय हर इंसान ये सोच ले कि उतना ही खाना लिया जाए जो कि बर्बाद न हो तो बहुत से भूखों का पेट भर सकता है। साथ ही जो भोजन हमारी लापरवाही से बर्बादो होता है उससे कई गरीबों और भूखों का पेट भर सकता है। मंज़िल ग्रेटर द्वारा बेहद जीवंत अंदाज़ में सेफ फूड सेफ लाइफ विषय को लोगों को समझाने की कोशिश की है। नाटक मंचन करने वाले कलाकारों ने अपने विषय में जान फूंकते हुए लोगों को समझाया कि उनकी ज़रा सी जागरुकता से समाज की एक बड़ी समस्या को हल किया जा सकता है। क्योंकि अगर हम जिस खाने को कूड़े में डाल देते है उससे कई ऐसे लोगों की मदद हो सकती है जिनको भूखे पेट ही सोना पड़ता है। इस अवसर पर डॉ. मृगनयनी, सीमा, राधिका शर्मा, राहुल शर्मा, के अलावा अनिल शर्मा, तुलसी राम यादव, बीना पांडे, मीनाक्षी शर्मा, सुनील गुप्ता, जया चौधरी मौजूद थे।
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आज़ाद ख़ालिद टीवी जर्नलिस्ट हैं, सहारा समय, इंडिया टीवी, वॉयस ऑफ इंडिया, इंडिया न्यूज़ सहित कई नेश्नल न्यूज़ चैनलों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। Read more

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